बिलारी। नागरिक एकता परिषद के तत्वावधान में ग्राम फत्तेपुर नत्था में आयोजित एक कार्यक्रम में न्याय समता बंधुता और आजादी के रास्ते पर फिर से समाज नीति और राजनीति को लाने का संकल्प लिया गया। रास्ट्रीय समन्वयक एनएपीएम अरुंधती धूरू के नेतृत्व में अगस्त क्रांति के दिन से इस आंदोलन की शुरुआत लखनऊ से की गई है। अरुंधती धूरू नर्मदा बाचाओ आन्दोलन, महिलाओ के आधिकार व शक्तिकरण और उत्पीडन खास कर जेंडर इश्यू तथा मानवाधिकार को लेकर संघर्ष कर रही है। मूल निवासी मुंमबई की है अभी लखनऊ मे रह रही है। मैग्सेसे पुरस्करित डॉ संदीप पांडे भी आंदोलन में शामिल रहेगे। एनएपीएम से संबंध नागरिक एकता परिषद द्वारा अगस्त क्रांति के अवसर पर संकल्प दिवस के रूप में आयोजित कार्यक्रम में नागरिक एकता परिषद के निदेशक मोहम्मद आसिफ "कमल" एडवोकेट ने कहा कि देश को आजाद कराने के लिए सैकड़ों वीरों ने शहादत दी।लाला लाजपत राय महात्मा गांधी सुभाष चंद्र बोस चंद्रशेखर आजाद शहीद भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के सपनों के आजाद भारत का निर्माण अभी नहीं हुआ है। इन्होंने सिर्फ अंग्रेजों से लड़ाई ही नहीं की, उनकी लड़ाई आर्थिक शोषण गरीबी असमानता नक्सलवाद जातिवाद से भी थी।इन लोगों की सोच आर्थिक स्वालंबन से लेकर विज्ञान पर आधारित समाज की परिकल्पना थी। आजादी के 74 वर्ष बाद भी रोटी कपड़ा मकान शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में भी देश बहुत पिछड़ा हुआ है। आर्थिक विषमता ने एक वर्गीकृत समाज बनाया है जिसमें चन्द लोगों के पास देश का 70% धन है। हमारे देश में गरीबों की संख्या बहुत अधिक है। महिलाएं और बच्चे खून की कमी के शिकार हैं। मोहम्मद आसिफ कमल एडवोकेट ने कहा कि आजादी के राहों पर दिलों को जोड़ने आर्थिक विषमता का विरोध करने रोटी कपड़ा और मकान शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत आवश्यकताओं और एक सुंदर समाज का सपना पूरा करने की दिशा में यह एक आंदोलन है।हमें देश के लोगों को लाखों शहीदों के सपनों के भारत का निर्माण करने के लिए जागरूक करना होगा। एनएपीएम द्वारा नौ अगस्त क्रांति के दिन से शुरू किए गए। इस आंदोलन के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया गया। बताया गया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की कमान फतेहपुर नत्था निवासी प्रेम कुमार को सौंपी गई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहम्मद आसिफ कमल एडवोकेट व संचालन दीनदयाल ने किया। कार्यक्रम में अजब सिंह, पप्पू उर्फ नेमसिह, पूर्व प्रधान उरमांन सिंह, अजीत सिंह, जय सिंह ,लोकेश, गुलफाम सिंह, राजवीर सिंह, सूनील यादव, जयपाल, सतेन्द्र, हरिपाल, विपिन यादव, अमर सिंह रामपाल सिंह, संजीव डॉक्टर, पवन यादव, राम सिंह, ठाकुर भजनलाल प्राची यादव, नीतू, वसन्ती, अंगीता, नेहा, तनु यादव, काले राजेश यादव, मुकेश उर्फ कल्लू, मुकट सिंह, अनिल आदि ने भाग लिया।
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