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पूर्ति निरीक्षक जांच में पाये गये दोषी, लापरवाही बरतने पर कार्यवाही के दिये निर्देश

विधायक बिलारी मौहम्मद फहीम इरफान ने की थी नवंबर 2019 में जांच की थी मांग 
छह सदस्य टीम ने जांच मेंं पूर्ति निरीक्षक को बताया दोषी 
सच्चाई की हुई जीत- विधायक मौहम्मद फहीम इरफान 


बिलारी। आयुक्त खाद्य तथा रसद विभाग लखनऊ के द्वारा गठित छह सदस्य टीम की जांच में पूर्ति निरीक्षक मुरादाबाद राजेश कुमार दोषी पाये गये है। पूर्ति निरीक्षक राजेश कुमार पर कार्डधारकों द्वारा प्रति माह प्रति यूनिट निर्धारित मानक से कम खाद्यान्न दिए जाने एवं निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य लिये जाने सम्बन्धी आरोप बिलारी विधायक एवं महिला एवं बाल विकास सदस्य मौहम्मद फहीम इरफान द्वारा दिनांक 25-11-2019 को उत्तर प्रदेश विधान मण्डल की महिला एवं बाल विकास संयुक्त समिति की बैठक में शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच कराने हेतु को दो क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और 04 पूर्ति निरीक्षकों की संयुक्त टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण और संबंधित पत्रवलियों का अवलोकन किया गया था। 
मंगलवार को बुद्धवार को लखनऊ में महिला एवं बाल विकास सम्बन्धी संयुक्त समिति की बैठक में खाद्य एवं रसद विभाग, उपभोक्ता संरक्षण एवं बांट माप विभाग के अधिकारियों के साथ बिलारी विधायक मौहम्मद फहीम इरफान मौजूद रहे। बैठक के दौरान बताया गया कि बिलारी विधायक मौहम्मद फहीम इरफान ने 2019 में जो 17 उचित दुकान दर दुकानों की जांच/ सत्यापन की शिकायत की थी उन 17 उचित दर दुकानों में से 05 उचित दर दुकानों में पाया गया कि कतिपय कार्डधारकों द्वारा प्रति माह प्रति यूनिट निर्धारित मानक से कम खाद्यान्न दिये जाने एवं निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य लिये जाना पाया गया है। बताया गया इसकी जांच पूर्ति निरीक्षक सीतापुर मयंक श्रीवास्तव, पूर्ति निरीक्षक लखीमपुर खीरी सुशील यादव, पूर्ति निरीक्षक हरदोई अमित चतुर्वेदी, पूर्ति निरीक्षक रायबरेली अविनाश चन्द्र पाण्डेय, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी लखनऊ नीरज कुमार श्रीवास्तव व अजीत कुमार द्वारा की गई थी। बताया गया कि जिला पूर्ति निरीक्षक राजेश कुमार को अपने पदीय दायित्व एवं कर्तव्यों के प्रति उदासीनता व लापरवाही बरतने के दृष्टिगत इनके विरूद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक(अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत विभागीय कार्यवाही संस्थित करते हुए उपायुक्त खाद्य बरेली मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया है।  पूर्ति निरीक्षक को जांच में दोषी पाये जाने पर विधायक मौहम्मद फहीम इरफान ने सच्चाई की जीत बताया और जांच समिति और अध्यक्ष महिला एवं बाल विकास समिति का आभार व्यक्त किया 
विधायक मौहम्मद फहीम इरफान ने बैठक में बोलते हुये आरोप लगाया कि राशन डीलरों द्वारा कोरोना काल के समय में जो निशुल्क राशन जो बांटा गया था उसका पैमेंट एडवांस के रूप में राशन डीलरों द्वारा जमा तो कर दिया गया। परन्तु सरकार द्वारा निशुल्क राशन निशुल्क बंटने के आदेश प्राप्त हुये इसीलिये एडवांस जमा राशि को वापस दिया जाना था, मगर राशन डीलरों को वह पैसा 30 प्रतिशत कमीशन लेने के बाद वापस किया जा रहा है। इसके अलावा सितम्बर माह में राशन डीलरों द्वारा निशुल्क बांटे जाने वाला चना भी नहीं बांटा गया। इस पर सभापति सरिता भदौरिया ने आयुक्त खाद्य तथा रसद विभाग लखनऊ को तत्काल जांच के आदेश दिये है।

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