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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट खाते से छह लाख निकालने वाले चार बदमाश गिरफ्तार

अयोध्या। श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से क्लोन चेक के माध्यम से निकाले गए छह लाख रुपये के मामले में अयोध्या पुलिस ने मुंबई निवासी चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। मामले में वाराणसी निवासी मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है। वहीं, धोखाधड़ी के इस मामले में संबंधित बैंक के कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। उनके खिलाफ भी जांच की जा रही है।
डीआईजी/एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से कुछ लोगों ने क्लोन चेक के माध्यम से एक दिसंबर को 2.50 व 3 दिसंबर को 3.50 लाख रुपये निकाले थे। 9.86 लाख रुपये के तीसरे क्लोन चेक की निकासी वेरिफिकेशन के दौरान पकड़ में आ गई। मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की तहरीर पर अयोध्या कोतवाली पुलिस ने धारा 419, 420,467, 468, 471 व 120बी के तहत अज्ञात पर केस दर्ज किया था। मामले की जांच कर रहे चौकी इंचार्ज नयाघाट धर्मेंद्र मिश्र, एसआई जगन्नाथ त्रिपाठी व सर्विलांस सेल ने सोमवार देर रात चार बदमाशों को अयोध्या के राम की पैड़ी से गिरफ्तार कर लिया। ये सभी मुंबई के रहने वाले हैं। इनकी पहचान प्रशांत महावल निवासी महापला हाउस, थाना फोर्ट मुंबई, विमल लल्ला निवासी पिमिया जेविंग थाना डोमिबली जिला थाणे महाराष्ट्र, शंकर सीताराम गोपाले निवासी बोरा बाझार थाना कोलासा मुंबई व संजय जैन निवासी मुखर्जी हाउस सुभाष रोड विष्णु नगर थाणे मुंबई के रूप में हुई। डीआईजी ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी वाराणसी का रहने वाला है। उसकी तलाश की जा रही है।
डीआईजी ने बताया कि सभी बदमाशों ने साथ मिलकर यह धोखाधड़ी की। आरोपियों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चेक का क्लोन बनाकर दो बार में मुंबई की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा फोर्ट से छह लाख रुपये निकाले और आपस में बांट लिए। इसके बाद उन्होंने 9.86 लाख रुपये का एक और क्लोन चेक बैंक में डाला। डीआईजी ने बताया कि ट्रस्ट ने अधिकतम छह लाख रुपये तक की निकासी की लिमिट तय कर रखी थी। लिमिट से ज्यादा 9.86 लाख रुपये का चेक होने के कारण चेक क्लीरियंस वैरीफिकेशन के लिए ट्रस्ट के महासचिव से संपर्क किया गया। लेकिन उन्होंने इस तरह का चेक जारी करने से मना कर दिया था। डीआईजी ने बताया कि जांच के दौरान क्लोन चेक बनाने में कुछ बैंककर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इसकी जांच की जा रही है। कहा कि यह धोखाधड़ी का मामला है। इसमें किसी तरह की कोई साजिश होने की बात सामने नहीं आई है।
 -अयोध्या से राजा गुप्ता की रिपोर्ट

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