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लौहपुरुष वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर किया याद

बिलारी। नगर के डाकबंगला के निकट स्थित मौहम्मद अली जौहर एम०आई० इंटर कॉलेज में भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री व गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 70 वीं पुण्यतिथि पर याद किया गया। 
इस दौरान एक गोष्ठी का आयोजन कर सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। 
गोष्ठी में बोलते हुये प्रबंधक मौहम्मद हस्सान उर्फ फैजी ने कहा कि सरदार पटेल एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा आजाद भारत के पहले गृहमंत्री थे। स्वतंत्रता की लड़ाई में उनका महत्वपूर्ण योगदान था, जिसके कारण उन्हें भारत का लौह पुरुष भी कहा जाता है। बताया कि सरदार पटेल ने महात्मा गांधी से प्रेरित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था। सरदार पटेल द्वारा इस लड़ाई में अपना पहला योगदान खेड़ा संघर्ष में दिया गया, जब खेड़ा क्षेत्र सूखे की चपेट में था और वहां के किसानों ने अंग्रेज सरकार से कर में छूट देने की मांग की। जब अंग्रेज सरकार ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया, तो सरदार पटेल, महात्मा गांधी और अन्य लोगों ने किसानों का नेतृत्व किया और उन्हें कर न देने के लिए प्ररित किया। अंत में सरकार को झुकना पड़ा और किसानों को कर में राहत दे दी गई।
प्रधानाचार्य शाहनवाज खान ने बताया कि सरदार पटेल को सरदार नाम, बारडोली सत्याग्रह के बाद मिला, जब बारडोली कस्बे में सशक्त सत्याग्रह करने के लिए उन्हें पह ले बारडोली का सरदार कहा गया। बाद में सरदार उनके नाम के साथ ही जुड़ गया।आजादी के बाद ज्यादातर प्रांतीय समितियां सरदार पटेल के पक्ष में थीं। गांधी जी की इच्छा थी, इसलिए सरदार पटेल ने खुद को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से दूर रखा और जवाहर लाल नेहरू को समर्थन दिया। बाद में उन्हें उपप्रधानमंत्री और ग्रहमंत्री का पद सौंपा गया, जिसके बाद उनकी पहली प्राथमिकता देसी रियासतों तो भारत में शामिल करना था। इस कार्य को उन्होंने बगैर किसी बड़े लड़ाई झगड़े के बखूबी किया। 
इस अवसर पर प्रवक्ता कमलेश श्रीवास्तव, नेहा, शाईस्ता , पंकज सक्सैना, ओमकार सिंह, खालिद दुर्रानी, प्रशांत गुप्ता आदि ने विचार रखें।

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