लंदन ट्रांसपोर्ट मॉडल पर दिल्ली-कटरा के बीच चलेंगी लग्जरी बसें
दिल्ली- वैष्णो देवी और कश्मीर जाने वाले तीर्थ यात्रियों तथा पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार की योजना देश में पहली बार दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे पर ट्रांसपोर्ट फॉर लंदन (टीएलएफ) मॉडल पर लग्जरी बस चलाने की है। इससे लोगों को सस्ती, सुगम और आरामदेह सार्वजनिक परिवहन सेवा मिल सकेगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि चार लेन दिल्ली-अमृतसर-कटरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के टेंडर आगामी दिसंबर के प्रथम सप्ताह में खुलेंगे। अगले साल से एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। 575 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे पर 35 हजार करोड़ की लागत आएगी और इसे 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि देश की सार्वजनिक परिवहन सेवा बेहतर बनाने के लिए ट्रांसपोर्ट फॉर लंदन (टीएफएल) मॉडल को अपनाने का फैसला किया गया है। इसके तहत कुछ राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनने से दिल्ली-कटरा के बीच की दूरी महज छह से सात घंटे में पूरी हो सकेगी। लग्जरी बसों से यह सफर और जल्द पूरा होगा। वर्तमान में आठ से 10 घंटे लगते हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और टीएफएल के बीच जनवरी 2018 को एमओयू किया जा चुका है। इसके तहत शहरी क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नीति, योजनाएं, तकनीक हस्तांतरण, संस्थागत ढांचा तैयार किया जा सकेगा। योजना है कि राज्यों के साथ लंदन की तर्ज पर सार्वजनिक परिवहन में सुधार के लिए फ्रेंचाइजी मॉडल शुरू किया जाएगा। यह मॉडल लंदन में पूरी तरह से सफल साबित हुआ है, लंदन में सार्वजनिक परिवहन की सभी बस टीएफएल (यानी सरकारी उपक्रम) की हैं। लेकिन उनका परिचालन और रखरखाव निजी कंपनियां करती हैं। टीएफएल ने बस की डिजाइन, गुणवत्ता, सुरक्षा, ईंधन आदि के लिए कड़े मापदंड बना रखे हैं। निजी ऑपरेटर को उक्त मानदंडों का पालन करना अनिवार्य है। टीएफल की समूची सार्वजनिक परिवहन सेवा जीपीएस से जुड़ी है। यात्रियों को प्रत्येक 30 सेकंड पर बस की जानकारी मिलती है और ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा है। जीपीएस के जरिये टीएफएल बस परिचालन पर कड़ी निगरानी करता है। बसों के लिए एक लेन समर्पित है, जिससे वह तय समय पर पहुंचती हैं। बसों का किराया टीएफएल तय करता है और इस मद में मिलने वाले राजस्व को निजी कंपनियों के साथ साझा किया जाता है।

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