Ad Code

Responsive Advertisement

आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के प्रत्याशी हो सकते हैं वाजिद अंसारी



क्षेत्र का चहुंमुखी विकास करा कर मुख्य कार्य रहेगा आदर्श विधानसभा बनाना 
बिलारी। पूर्व सदस्य कपड़ा मंत्रालय भारत सरकार वाजिद हुसैन अंसारी आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के प्रत्याशी हो सकते हैं। इसको लेकर उन्होंने पूरी तैयारी कर ली है और क्षेत्र का चहुंमुखी विकास करा कर हर वर्ग को साथ लेकर विधानसभा को आदर्श बनाने का मुख्य एजेंडा है।
 रविवार को संक्षिप्त वार्ता में वाजिद हुसैन एडवोकेट ने बताया कि पिछले 32 बरसों से राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है व 2002 में 15 कुंदरकी से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। जिसमें उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी से अधिक वोट प्राप्त किए थे, कभी पूर्व मुख्यमंत्री बसपा प्रमुख मायावती के करीबी रहे, राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव सहित लोक जनशक्ति पार्टी के मुखिया स्वर्गीय रामविलास पासवान के करीबी रहे। इसके अलावा उन्होंने देश के शीर्ष नेतृत्व करने वाले कई दिग्गजों को अपने आवास पर तक बुला लिया था। वाजिद अंसारी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता कि किस चुनावी दल का किस चुनावी दल से गठबंधन हो जाए। इसी को लेकर उन्होंने यह साफ नहीं बताया कि वह किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि दो विपरीत सिद्धांतों वाली पार्टियां शिवसेना और कांग्रेस एक प्लेटफार्म पर आ सकती हैं व कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी और पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती एक प्लेटफार्म पर आ सकते हैं तो राजनीति में कुछ भी हो सकता है। इसी के चलते उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत और उनके पिता हाजी साबिर हुसैन की मेहनत से 10 साल बिलारी नगर पालिका परिषद की चेयरमैनी की व सभी वर्गों को साथ लेकर चले और बिलारी का चहुमुखी विकास कराया। उन्हें सभी चुनावों में सभी वर्गों का वोट मिलता रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में वाजिद अंसारी के आने पर बहुत ही रोचक मुकाबला होगा। अंत में श्री अंसारी ने कहा कि अगर सीट पुरुषों में आई तो वह खुद चुनाव लड़ेंगे और यदि 33% आरक्षण महिलाओं के लिए होगा तो उनकी पत्नी पूर्व प्रत्याशी चेयरमैन शहला वाजिद विधानसभा का चुनाव लड़ेंगीं और जीत हासिल करेंगीं। उन्होंने बताया कि उनके एजेंडे में बिलारी विधानसभा को शिक्षा के मैदान में मेडिकल कॉलेज, डिग्री कॉलेज खुलवाना रहेगा क्योंकि शिक्षा के मामले में बिलारी विधानसभा बिल्कुल अनाथ है। इसके अलावा सूत डिपो, मजदूर वर्ग को विद्युत बिल में विशेष छूट प्रदान कराना मुख्य एजेंडे में शामिल है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ