बुलंदशहर– आर्थिक तंगी के चलते चाय की दुकान करने वाले व्यक्ति ने पत्नी-बेटे को जहरीली दवा खिलाकर खुद भी जान देने की कोशिश की। अस्पताल में पत्नी की मौत हो गई, जबकि चाय विक्रेता और उसके बेटे को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव काहिरा निवासी बलबीर (55) भूड़ चौराहे के निकट चाय की दुकान करता था। कुछ साल पहले दुकान शुरू करने के बाद बलवीर अपनी पत्नी रामवती (52) और पुत्र दिन्नी उर्फ दीपक (11) को भी अपने साथ ले आया और भूड़ चौराहे के समीप ही रहने लगा। दीपक प्राइमरी स्कूल में पांचवी कक्षा का छात्र है। लॉकडाउन के बाद से ही चाय की दुकान का काम काफी मंदा चल रहा था।बताया जाता है कि चाय की दुकान से होने वाली बिक्री से घर का खर्चा तक नहीं चल पा रहा था। सोमवार रात को बलवीर ने जहरीली दवा का एक कैप्सूल खुद खाया और फिर अपनी पत्नी रामवती व पुत्र दीपक को भी कैप्सूल खिला दिया। इसके बाद तीनों सो गए। सुबह घर का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुलने पर कुछ लोग वहां पहुंचे। इस पर दीपक बदहवास हालत में उल्टियां करता हुआ बाहर आया। उसने लोगों को बताया कि मां और पिता बेहोश हालत में हैं, लोगों ने पुलिस को सूचना देते हुए परिवार को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में बलवीर की पत्नी रामवती की मौत हो गई, जबकि बलवीर और पुत्र दीपक को मेरठ रेफर कर दिया गया है। कोतवाली देहात के कार्यवाहक प्रभारी दलवीर सिंह ने बताया कि दीपक ने पूरी घटना के बारे में बयान दिया है।
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